लेखनी कहानी -20-Jun-2022 मनोरंजन
कोयल गीत सुनाती थी
तोता दिल बहलाता था
सावन आने से पहले ही
वन में झूला पड़ जाता था
सच बताऊँ तो वही पल अस्ल मनोरंजन कहलाता था
मोबाइलों का दौर नहीं था
डाकिया चिट्ठी लाता था
सादी टीवी ही चलती थी
रेडियो न्यूज़ सुनाता था
सच बताऊँ तो वही पल अस्ल मनोरंजन कहलाता था
जाति पाति की बात न थी
धर्म न आड़े आता था
ईद हो या दीवाली
सारा गाँव मनाता था
सच बताऊँ तो वही पल अस्ल मनोरंजन कहलाता था
अलार्म कब बजता था
मुर्गा सुबह उठाता था
नदियों में सब नहाने जाते
कुओं से पानी आता था
सच बताऊँ तो वही पल अस्ल मनोरंजन कहलाता था
Seema Priyadarshini sahay
22-Jun-2022 11:09 AM
बहुत खूबसूरत
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Pallavi
21-Jun-2022 05:03 PM
Nice post 😊
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Swati chourasia
21-Jun-2022 07:26 AM
वाह बहुत खूब 👌👌
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Arvaz Ahmad
21-Jun-2022 09:24 AM
Shukriya
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